कानपुर। दिल्ली पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ किए गए अमानवीय कृत्य का विरोध करते हुए आईरा प्रेस क्लब द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कानपुर जिला अधिकारी को देकर अपना विरोध जताया गया ।
Written by - Mohammad Abuzar

पत्रकार हितों के लिए कार्य करने वाली एक मात्र संस्था आईरा प्रेस क्लब जिसको हम ऑल इंडियन रिपोर्टस एसोसिएशन (आईरा )के नाम से जानते हैं। जो समय समय पर पत्रकारों की आवाज बनकर पत्रकार हित की लड़ाई जमीनी स्तर पर लड़ने का कार्य करती है। बीते दिनों दिल्ली पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ किए गए आमानवीय व्यवहार से समस्त पत्रकार जगत में दिल्ली पुलिस के लिए आक्रोश दिखा । दिल्ली पुलिस द्वारा पत्रकारों के साथ किए गए इस निंदनीय कार्य का आईरा प्रेस क्लब ने विरोध करते हुए राष्ट्रपति को एक संबोधित ज्ञापन कानपुर जिला अधिकारी के माध्यम से दिया गया । इस दौरान आईरा प्रेस क्लब ने स्पष्ट शब्दों में बताया कि आईरा प्रेस क्लब कभी भी पत्रकारों के साथ इस तरह के अमानवीय कृत्य बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को बाध्य होगा । बताते चलें बीते दिनों दिल्ली पुलिस द्वारा आम आदमी पार्टी के द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पत्रकारों के साथ धक्का मुक्की वा मारपीट करने की घटना की गई थी जिसकी सूचना पुरे देश में आग की तरह फैलने के बाद देश के सभी पत्रकार साथियों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों द्वारा किए गए इस कृत्य की निंदा करना शुरू कर दिया था। वही आईरा प्रेस क्लब ने भी इस घटना का संज्ञान लेकर एक ज्ञापन कानपुर जिलाधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को भेजा गया । जिसमे दिल्ली की घटना के साथ-साथ बरेली जिलाधिकारी के द्वारा पत्रकारों पर की गई अभद्र टिप्पणी का जिक्र भी किया गया । राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देते हुए आईरा प्रेस क्लब के कानपुर जिला अध्यक्ष एसपी विनायक ने बताया कि उनकी संस्था सदैव ही पत्रकार हितों के लिए कार्य करती है और आगे भी करती रहेगी दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा सम्मानित पत्रकारों के साथ जो कृत्य किया गया उसकी जितनी निंदा की जाए कम है । वही इस घटना पर आईरा प्रेस क्लब के जिला महामंत्री जहीर खान ने बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया यह कार्य दिल्ली पुलिस की मानसिकता को दर्शाता है । दिल्ली पुलिस के उच्चतम पद पर बैठे पुलिस अधिकारियों को तुरंत ही घटना का संज्ञान लेकर दोषी पुलिस कर्मियों पर कठौर कार्यवाही करनी चाहिए ।