डॉक्टर की लापरवाही ने छीनी एक घर की खुशियां
निजी अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से एक घर में आने वाली खुशियों की सांसे छीन गई। जबकि महिला की हालत अभी स्थिर नहीं है। इस पर परिजनों ने शुक्रवार देर शाम अस्पताल में हंगामा काटा और डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन व अस्पताल में मौजूद स्टाफ से पूछताछ की।
रानीघाट निवासी अतुल शुक्ला ने बताया की पत्नी का उपचार जीवन ज्योति हॉस्पिटल में डॉक्टर जुगनू सिंह से चल रहा था । डॉक्टर ने 5 जनवरी की तारीख दिया था लेकिन पत्नी को 1 जनवरी को पीड़ा होने लगी जिसपर उससे दिखाने अस्पताल लाए । अस्पताल में डॉक्टर के ना होने पर ये कहकर भेज दिया गया की अभी समय नहीं हुआ है । 5 जनवरी को आना ।
5 जनवरी को अधिक पीड़ा होने पर परिजन जब अस्पताल लेकर भागे तो परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ना तो कोई डॉक्टर था और ना कोई स्टाफ, परिजनों ने जब अस्पताल में हंगामा किया तो ये कहकर शांत करवा दिया गया की सभी थोड़ी देर शांति से बैठो जब डॉक्टर आयेंगे तो इलाज किया जाएगा ।
जिसपर गुस्साए परिजनों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया जिसके बाद स्टाफ ने किसी दूसरे डॉक्टर को बुलाया और ऑपरेशन करने को कहा । जिसपर परिजनों ने डॉक्टर जुगनू सिंह को बुलाने की बात कही जिसपर ये कहकर टाल दिया गया की वो अभी बाहर है ।
3 घंटे चले ऑपरेशन के बाद पता चला की नवजात शिशु की 4 दिन पहले ही गर्व में मौत हो चुकी थी । जिस पर परिजनों ने डॉक्टर की लापरवाही बताते हुए कारवाही की मांग की ।
निजी अस्पताल में ना तो डॉक्टर है और ना कोई स्टाफ
अस्पताल मालिक से बात करने पर पता चला की अस्पताल में ना तो कोई डॉक्टर पाबंदी से आते है और ना कोई स्टाफ है फिर भी नर्सिंग होम राम भरोसे चल रहा है । एक महिला कर्मचारी है जो वक्त आने पर रिसेप्शन (Reception ) और नर्स दोनो के काम को बाखूबी अंजाम देती है ।


