गोरबी/सिंगरौली। जिले के गोरबी, मोरवा ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पति कि दीर्घायु के लिए गुरुवार यानि 13 अक्टूबर 2022 को सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। इसे लेकर पूरे दिन गोरबी, मोरवा, बरगवां, जयंत, वैढ़न, विंध्यनगर, नवानगर, चितरंगी इत्यादि बाजार सजे रहे। लोगों ने इस त्योहार से जुड़ी सभी तैयारियों को ध्यान में रखकर खरीदारी की रात को चांद के दर्शन (दीदार) के साथ महिलाओं ने व्रत का पालन किया और अपने पति कि सलामती हेतु मंगल कामनाएं की। अधिकतर जनमानस इस त्यौहार को मनाता दिखा। लोगों कि सुरक्षा में व्यस्त रहने वाले पुलिस अधिकारियों ने भी समय निकालकर अर्धांगिनी के साथ इस पावन त्यौहार को मनाया। चितरंगी अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) श्रीमती हिमाली पाठक ने भी चांद के दर्शन (दीदार) के बाद अपने पति मोरवा विभागीय अधिकारी (एसडीओपी) राजीव पाठक को देखकर व्रत तोड़ा। इस वर्ष करवा चौथ कि खास बात यह रही कि इस साल गुरु ग्रह खुद ही राशि में थे और व्रत गुरुवार को था। ये शुभ संयोग 1975 के बाद सन् 2022 में यानि 47 वर्ष में बना है। चंद्रमा अपने ही नक्षत्र में रहे। करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र में मौजूद चंद्रमा कि पूजा करना शुभ संयोग है। विगत वर्षों की भांति हर वर्ष करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सुहाग कि कामना के साथ परिवार की समृद्धि की भी दुआएं मांगती हैं। महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रहती हैं, चांद के दर्शन के बाद ही महिलायें अपना व्रत खोलती हैं। व्रत खोलने के लिए महिलाएं चांद को देखकर अर्घ्य देती हैं और अपने पति के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लेती हैं। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत मनाया जाता है। इस दिन मिट्टी के बने विशेषता पर अर्थात करवा से चंद्रमा को जल देने के इस क्रिया को करवा चौथ के नाम से जाना जाता है।

